अमेरिका में लगभग 50 साल बाद पहली बार नई तेल रिफाइनरी बनाने की घोषणा हुई है। भारत की दिग्गज कंपनी Reliance Industries ने अमेरिका में करीब ₹27 लाख करोड़ (लगभग 325 अरब डॉलर) के विशाल निवेश की योजना बनाई है। इस परियोजना को ऊर्जा क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी डीलों में से एक माना जा रहा है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस निवेश को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक डील बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से अमेरिका में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी और ऊर्जा उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में नई रिफाइनरी दशकों से नहीं बनी है। पर्यावरणीय नियमों, भारी लागत और ऊर्जा नीतियों के कारण पिछले करीब 50 वर्षों से नई रिफाइनरी परियोजनाएं शुरू नहीं हो पाई थीं। ऐसे में रिलायंस का यह निवेश अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस रिफाइनरी बनाई जाएगी, जो कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों में बदलने का काम करेगी। इससे अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंध भी और मजबूत होंगे। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
रिलायंस पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनियों में से एक है और भारत के Jamnagar Refinery में कंपनी का विशाल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स मौजूद है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब माना जाता है।
अगर यह परियोजना तय समय पर शुरू होती है, तो आने वाले वर्षों में अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ सकता है।
