नई दिल्ली। देश की विमानन सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सरकार ने संसद में स्वीकार किया कि एअर इंडिया के 191 और इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार तकनीकी खराबियां सामने आई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि कुल 754 विमानों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया, जिससे विमानन कंपनियों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने बीते महीनों में विभिन्न एयरलाइंस के विमानों का विशेष ऑडिट और निरीक्षण किया था। जांच में इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, नेविगेशन उपकरण, केबिन सेफ्टी और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं से जुड़ी खामियां पाई गईं। इनमें से सबसे अधिक शिकायतें एअर इंडिया और इंडिगो के विमानों को लेकर दर्ज हुईं।
सरकार ने संसद को यह भी बताया कि तकनीकी खराबियों के चलते कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा या उन्हें विलंब से संचालित किया गया। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि यात्री सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया और जहां भी गंभीर खामी पाई गई, वहां विमान को उड़ान से तुरंत हटाकर मरम्मत कराई गई।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि DGCA ने संबंधित एयरलाइंस को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और मेंटेनेंस सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए निरीक्षण की आवृत्ति बढ़ाने और सख्त दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बार-बार तकनीकी खराबियों की खबरें यात्रियों के भरोसे को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने विमानन सुरक्षा ऑडिट को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और देश के सभी विमानों की नियमित, कड़ी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विमानन सेवाएं सुरक्षित और भरोसेमंद बनी रहें।
