उत्तर प्रदेश के कानपुर में किडनी तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक संगठित गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाकर उनकी किडनी बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर पति-पत्नी सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में पता चला कि गिरोह ने एक MBA छात्र को झांसे में लेकर उसकी किडनी मात्र 6 लाख रुपये में खरीद ली। बाद में उसी किडनी को एक जरूरतमंद मरीज को करीब 80 लाख रुपये में बेच दिया गया। इस पूरे रैकेट में भारी मुनाफा कमाने के लिए लोगों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉक्टर दंपति इस अवैध ट्रांसप्लांट को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। वे फर्जी दस्तावेज तैयार कराते थे और किडनी डोनर तथा रिसीवर के बीच रिश्तेदारी दिखाकर कानून को धोखा देते थे।
गिरोह का नेटवर्क कई शहरों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध अंग तस्करी के गंभीर खतरे को उजागर किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
