गुरदासपुर। गुरदासपुर के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखी एक महिला की लाश सड़ने का मामला सामने आया है। महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई थी और शव को दो दिन पहले पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया था। आरोप है कि समय पर पोस्टमॉर्टम और उचित रख-रखाव न होने के कारण शव की हालत खराब हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, महिला को अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि दो दिन तक शव को सही तरीके से संरक्षित नहीं किया गया। जब वे अंतिम संस्कार के लिए शव लेने पहुंचे तो बदबू आने लगी और शव सड़ चुका था। यह देखकर परिवार के लोग भड़क उठे और उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजनों के आरोप
परिवार का कहना है कि मॉर्च्युरी में फ्रीजर काम नहीं कर रहा था या फिर लापरवाही बरती गई। उनका आरोप है कि अगर समय पर पोस्टमॉर्टम कर शव सौंप दिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। परिजनों ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की जांच की जा रही है। यदि किसी की लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ा तनाव, पुलिस तैनात
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने अस्पतालों की मॉर्च्युरी व्यवस्था और शव संरक्षण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
