गुरुग्राम। साइबर ठगी और फर्जी लेनदेन का एक बड़ा मामला सामने आया है। गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित होटल में करीब 5 महीने तक रुके एक गेस्ट ने 6.17 लाख रुपये की फर्जी ट्रांजेक्शन कर होटल को चूना लगा दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब होटल प्रबंधन ने खातों का मिलान किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आरोपी पिछले कई महीनों से होटल लाइम ट्री में ठहरा हुआ था। उसने होटल में रहने, खाने और अन्य सुविधाओं का लाभ लिया। भुगतान के लिए वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और कार्ड पेमेंट का सहारा लेता रहा।
होटल प्रबंधन को शुरुआत में किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। लेकिन जब अकाउंट्स डिपार्टमेंट ने ट्रांजेक्शन की जांच की तो पता चला कि करीब 6 लाख 17 हजार रुपये की पेमेंट फर्जी या असफल ट्रांजेक्शन के जरिए दिखाई गई है।
आरोपी कथित तौर पर पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर होटल स्टाफ को गुमराह करता रहा।
डायरेक्टर ने दर्ज कराई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल के डायरेक्टर ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक डिटेल्स की मदद से आरोपी को ट्रैक किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस क्या कहती है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी ट्रांजेक्शन का सहारा लिया। मामले में बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी इसी तरह की वारदात तो नहीं की।
होटल इंडस्ट्री के लिए सबक
यह मामला होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
- केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर पेमेंट स्वीकार न करें।
- बैंक से कन्फर्मेशन आने के बाद ही बुकिंग फाइनल करें।
- लंबे समय तक ठहरने वाले गेस्ट की नियमित बिलिंग और वेरिफिकेशन करें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन पेमेंट के मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
मामले की आगे की जांच जारी है।
