देश में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और संभावित युद्ध की आशंकाओं के बीच लोगों में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। कई जगहों पर लोगों ने एक साथ गैस सिलेंडर भरवाने की कोशिश शुरू कर दी है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि देश में पर्याप्त गैस का भंडार मौजूद है।
तेल और गैस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार भारत के पास एलपीजी का लगभग 25 दिनों का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित गैस बॉटलिंग प्लांट और डिपो में भी पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर मौजूद हैं, जिससे सप्लाई पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ेगा।
अधिकारियों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की स्थिति बनती भी है तो भी सरकार ने जरूरी ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर रखी है। तेल कंपनियों के पास वैकल्पिक सप्लाई रूट और अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था है, जिससे आम लोगों को परेशानी नहीं होगी।
सरकार और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त गैस आयात करने और आपूर्ति बढ़ाने की भी योजना तैयार है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से सिलेंडर की जमाखोरी या घबराहट में बुकिंग न करें, क्योंकि इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका असर घरेलू गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि सरकार आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े इसके लिए सब्सिडी या अन्य राहत उपायों पर विचार कर सकती है।
फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि देश में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नियमित रूप से गैस बुकिंग करते रहें, किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
अगर हालात बदलते हैं तो सरकार और तेल कंपनियां समय-समय पर जनता को अपडेट देती रहेंगी।
