मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में पेयजल व्यवस्था की गंभीर पोल खुल गई है। शहर के कई इलाकों में सीवर और नालों के बीच से होकर गुजर रही पानी की पाइपलाइन लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 वार्डों में हालात बेहद खराब हैं, जहां लोगों के घरों में मटमैला, बदबूदार और कीड़ों से भरा पानी सप्लाई हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में बदबू इतनी तेज होती है कि उसे पीना तो दूर, उपयोग करना भी मुश्किल हो जाता है। कई घरों में पानी के साथ छोटे-छोटे कीड़े भी निकल रहे हैं, जिससे लोगों में डर और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन इलाकों में यह समस्या ज्यादा है वहां पानी की पाइपलाइनें सीवर लाइनों के बेहद करीब या उन्हीं के बीच से गुजर रही हैं। पाइपलाइन पुरानी और जर्जर होने के कारण उनमें लीकेज हो रहा है, जिससे गंदा पानी साफ पानी में मिल रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समस्या की शिकायत कई बार नगर निगम से की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ सुविधा की कमी नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि समस्या की जानकारी मिली है और जल्द ही प्रभावित इलाकों में पाइपलाइन सुधार और सफाई का काम शुरू किया जाएगा।
फिलहाल, ग्वालियर के हजारों लोग इस गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
