पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक नया विवाद सामने आया है। चुनाव ड्यूटी के लिए आयोजित ट्रेनिंग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विज्ञापन दिखाए जाने को लेकर हंगामा हो गया।
जानकारी के मुताबिक, ट्रेनिंग सत्र के दौरान सरकारी प्रेजेंटेशन में ममता बनर्जी की योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ा विज्ञापन चलाया गया। इस पर मौजूद एक पोलिंग अधिकारी ने आपत्ति जताई और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया।
विरोध करने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कथित तौर पर उस अधिकारी के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है और जांच की मांग उठ रही है।
उधर, असम में चुनावी प्रक्रिया के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां कुल 67 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया है। चुनाव आयोग के अनुसार, नाम वापसी की अंतिम तिथि तक यह संख्या सामने आई, जिससे कई सीटों पर मुकाबला अब आसान या एकतरफा हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के पीछे राजनीतिक समझौते, दबाव या रणनीतिक फैसले हो सकते हैं।
