बरसाना (मथुरा)। राधारानी की नगरी बरसाना एक बार फिर भक्ति और रंगों से सराबोर नजर आई। प्रसिद्ध लड्डूमार होली के अवसर पर सखियां दुल्हन की तरह सजी-धजी मंदिर परिसर और गलियों में पहुंचीं। हाथों में अबीर से भरी मटकियां और थालों में लड्डू लेकर आई महिलाओं ने जमकर लड्डू बरसाए और रंगों की बौछार की।
राधारानी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
प्रसिद्ध राधा रानी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन के बीच जैसे ही लड्डूमार होली की शुरुआत हुई, पूरा परिसर “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा।
सखियों ने पारंपरिक परिधान पहनकर दुल्हन सा श्रृंगार किया। माथे पर बिंदी, हाथों में चूड़ियां और रंग-बिरंगी साड़ियां—हर ओर उत्सव का माहौल दिखा।
अबीर की मटकी और लड्डुओं की बारिश
परंपरा के अनुसार, सखियां अबीर की मटकियां लेकर पहुंचीं और श्रद्धालुओं पर रंग उड़ाया। इसके बाद लड्डुओं की बरसात शुरू हुई। श्रद्धालु इन लड्डुओं को प्रसाद के रूप में पाने के लिए उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने नृत्य करते हुए इस अनोखी होली का आनंद लिया।
विदेशी पर्यटकों ने भी लिया हिस्सा
होली की इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचे। विदेशी मेहमान भी पारंपरिक वेशभूषा में रंगों से सराबोर दिखाई दिए और जमकर डांस किया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम तैनात रही ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
बरसाना की लड्डूमार होली हर साल फाल्गुन मास में मनाई जाती है और यह ब्रज की होली का अहम हिस्सा है। रंग, भक्ति और उल्लास का यह संगम एक बार फिर श्रद्धालुओं के दिलों में अमिट यादें छोड़ गया।
