महाराष्ट्र की सियासत में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कथित तौर पर कहा कि टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना की जा सकती है। बयान सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। पार्टी की ओर से बयान दिया गया कि ऐसे बयान महाराष्ट्र की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और नाना पटोले “संतुलन खो चुके हैं।”
विवाद के बाद पुणे में माहौल गरमा गया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के एक पूर्व विधायक के पोस्टर जलाए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवाजी महाराज महाराष्ट्र की अस्मिता और गौरव का प्रतीक हैं, ऐसे में उनसे जुड़ा कोई भी बयान तुरंत राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
अब देखना होगा कि यह विवाद आगे और कितना राजनीतिक तूल पकड़ता है, क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति में इतिहास और भावनाओं से जुड़े मुद्दे अक्सर बड़ा रूप ले लेते हैं।
