नई दिल्ली। संसद और सियासी मंचों पर जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने “भारत माता को बेच दिया” है और देश की संपत्तियों व संसाधनों को चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि आम जनता, खासकर किसान और मजदूर, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नीतियों के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “भारत को बेचने” का आरोप निराधार और राजनीतिक बयानबाजी है। सीतारमण ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही किसानों के हक से समझौते किए गए और नीतिगत भ्रष्टाचार के कारण देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की आय बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिनसे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह भ्रामक बयानबाजी से बचें और रचनात्मक सुझाव दें। वहीं कांग्रेस ने सरकार पर जवाबी हमला जारी रखते हुए कहा कि वह मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण के बीच यह बयानबाजी आने वाले चुनावी माहौल में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है। संसद के भीतर और बाहर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी रहने के आसार हैं।
