बिहार के नालंदा में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया जब देश की सेवा में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, हर आंख नम हो गई और पूरा इलाका शोक में डूब गया।
शहीद की पत्नी अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। वह बार-बार अपने पति को उठाने की कोशिश करती रही, लेकिन हकीकत ने उसे तोड़कर रख दिया। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
वहीं, मासूम बच्चे अपने पिता के शव के पास खड़े होकर एकटक निहारते रहे। उन्हें शायद पूरी तरह समझ नहीं था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे, लेकिन उनके चेहरे पर साफ दर्द दिखाई दे रहा था।
अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के घरों की छतों पर भी लोग चढ़कर इस अंतिम यात्रा को देख रहे थे। हर कोई अपने-अपने तरीके से शहीद को श्रद्धांजलि दे रहा था।
जब अंतिम विदाई दी गई, तो पूरे इलाके में “भारत माता की जय” और “शहीद अमर रहे” के नारे गूंज उठे। यह दृश्य एक ओर जहां गर्व से भर देने वाला था, वहीं दूसरी ओर दिल को झकझोर देने वाला भी था।
देश ने एक वीर सपूत खो दिया, लेकिन उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा।
