पटना: बिहार में एक सरकारी कार्यक्रम में ‘जन-गण-मन’ से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाने को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और RJD ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि वे “अंग्रेजों के दलाल नहीं हैं” और प्रोटोकॉल के अनुसार पहले राष्ट्रगान ही होना चाहिए। वहीं AIMIM ने आरोप लगाया कि सरकार असली जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाल रही है।
विवाद तब शुरू हुआ जब एक आधिकारिक कार्यक्रम में पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ प्रस्तुत किया गया। विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों में राष्ट्रगान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और तय प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। कांग्रेस और RJD नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत है, लेकिन राष्ट्रगान की गरिमा सर्वोपरि है।
दूसरी ओर सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक धुन रही है और इसे गाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क है कि दोनों गीत राष्ट्रभावना से जुड़े हैं और किसी एक के विरोध को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
AIMIM ने इस पूरे विवाद को “राजनीतिक एजेंडा” बताते हुए कहा कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। पार्टी का आरोप है कि जनता के असली सवालों से ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को उछाला जा रहा है।
इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी हुई है। अब देखना होगा कि यह विवाद यहीं थमता है या आने वाले दिनों में और तूल पकड़ता है।
