सामूहिक नकल पर DC का सख्त एक्शन, पुलिसकर्मियों पर जांच; छात्रों पर भी केस दर्ज होगा
हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामने आए सामूहिक नकल कांड के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए दो परीक्षा केंद्रों को रद्द कर दिया है। अब इन केंद्रों पर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जाएंगी। यह कार्रवाई Panipat में सामने आए उस मामले के बाद की गई है, जिसमें परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल कराए जाने के वीडियो वायरल हुए थे।
जांच में सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मी और अन्य लोग परीक्षा केंद्रों के बाहर से छात्रों को नकल सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित केंद्रों को निरस्त कर दिया।
पानीपत के DC ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नकल जैसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सबसे अहम बात यह है कि इस बार प्रशासन ने केवल कर्मचारियों या बाहरी लोगों को ही नहीं, बल्कि नकल में शामिल छात्रों को भी जिम्मेदार ठहराने का फैसला लिया है। DC के मुताबिक, ऐसे छात्रों के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आगे की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
यह पूरा मामला न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नकल के खिलाफ प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।
