ATF के दाम दोगुने होने से किराए में उछाल, इंडिगो की उड़ानें ₹10,000 तक महंगी
देश में हवाई यात्रा महंगी होने के बीच सरकार ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। अगर एयरलाइंस कंपनियां मनमाने तरीके से किराया बढ़ाती हैं, तो सरकार इसमें हस्तक्षेप कर सकती है। इस मुद्दे पर जल्द ही एयरलाइंस कंपनियों के साथ बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें किराए को नियंत्रित करने और यात्रियों को राहत देने के उपायों पर चर्चा होगी।
जानकारी के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते एयरलाइंस कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है। ATF के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं, जिसका सीधा असर टिकट कीमतों पर पड़ा है। खासकर IndiGo जैसी प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानों का किराया कई रूट्स पर ₹10,000 तक पहुंच गया है।
सरकार का मानना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने के बावजूद एयरलाइंस को संतुलन बनाए रखना चाहिए और यात्रियों पर अत्यधिक बोझ नहीं डालना चाहिए। इसी कारण नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयरलाइंस के साथ बैठक कर किराए को लेकर एक संतुलित समाधान निकालने की कोशिश करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ATF की कीमतें एयरलाइंस के खर्च का बड़ा हिस्सा होती हैं, इसलिए इसमें बढ़ोतरी का असर किराए पर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि, अगर यह बढ़ोतरी जरूरत से ज्यादा होती है, तो यह यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकती है।
सरकार की संभावित दखल से उम्मीद की जा रही है कि हवाई किराए में स्थिरता आएगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और एयरलाइंस के बीच अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
