मुंबई/पुणे। वरिष्ठ नेता अजित पवार से जुड़े विमान क्रैश मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त विमान से डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) बरामद कर लिया गया है। हालांकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को नुकसान पहुंचने के कारण उसका डेटा रिकवर करने के लिए संबंधित मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से तकनीकी सहायता मांगी गई है।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक विमान ने नियमित उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी की आशंका के चलते संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे से ब्लैक बॉक्स के दोनों हिस्सों की तलाश शुरू की, जिसमें से डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर सुरक्षित स्थिति में मिल गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि DFDR से विमान की ऊंचाई, गति, इंजन की स्थिति और अन्य तकनीकी पैरामीटर से जुड़ा अहम डेटा मिलेगा। वहीं CVR से पायलट और को-पायलट के बीच हुई आखिरी बातचीत, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क और कॉकपिट की अन्य आवाजों की जानकारी मिल सकेगी। चूंकि CVR आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है, इसलिए डेटा रिकवरी के लिए निर्माता कंपनी की विशेषज्ञ टीम को जोड़ा गया है।
नागरिक उड्डयन विभाग और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे के वास्तविक कारणों का पता ब्लैक बॉक्स के डेटा विश्लेषण के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल तकनीकी खराबी, मौसम और मानवीय त्रुटि जैसे सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच सुरक्षा मानकों की समीक्षा और संबंधित एयरक्राफ्ट मॉडल की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
