ईरान के 1000 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, 2000 बम गिराए जाने का दावा
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब क्षेत्रीय जंग का रूप लेता दिख रहा है। इस संघर्ष में लेबनान आधारित संगठन हिजबुल्लाह के शामिल होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
इजराइल का बड़ा कदम: 50 गांव खाली
सीमा पर बढ़ते हमलों और रॉकेट फायरिंग के बीच इजराइल ने लेबनान सीमा से सटे 50 गांवों को खाली करा लिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है और बंकरों को सक्रिय कर दिया गया है।
ईरान पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान के करीब 1000 ठिकानों को निशाना बनाया है। दावा है कि अब तक 2000 से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं। इन हमलों में सैन्य ठिकाने, मिसाइल डिपो और ड्रोन लॉन्च साइट्स शामिल हैं।
हालांकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजराइली सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
हिजबुल्लाह का हमला
लेबनान से संचालित हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल की ओर कई रॉकेट दागे। संगठन का कहना है कि वह ईरान के समर्थन में इस जंग में शामिल हुआ है। इजराइली सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दक्षिणी लेबनान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए।
आम नागरिकों पर असर
लगातार हो रहे हमलों के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। स्कूल, अस्पताल और जरूरी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
क्या यह क्षेत्रीय युद्ध में बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है। अमेरिका, ईरान, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ता टकराव वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी असर डाल सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर टिकी हैं, जहां हर पल हालात बदल रहे हैं।
