खबर:
आध्यात्मिक गुरु आशुतोष महाराज की नाक काटने की कोशिश की खबर सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। हालांकि अब तक इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति ने हमले की कोशिश की, वह आखिर है कहां?
बताया जा रहा है कि घटना ट्रेन यात्रा के दौरान हुई बताई गई थी, लेकिन ट्रेन में मौजूद यात्रियों को इस तरह की किसी घटना की जानकारी नहीं है। कई यात्रियों ने कहा कि उन्होंने यात्रा के दौरान कोई हंगामा या हमला होते नहीं देखा।
जांच के दौरान पुलिस ने ट्रेन और स्टेशन के CCTV फुटेज भी खंगाले, लेकिन किसी संदिग्ध व्यक्ति या हमले की कोशिश का स्पष्ट वीडियो सामने नहीं आया। इससे मामले को लेकर और ज्यादा रहस्य गहरा गया है।
इधर सोशल मीडिया पर एक आईडी द्वारा इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। लेकिन जांच में पता चला कि यह आईडी फर्जी (फेक) है। साइबर टीम ने बताया कि अकाउंट नकली जानकारी से बनाया गया था और उसका असली व्यक्ति से कोई संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और साइबर सेल मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इस खबर के पीछे सच्चाई क्या है—क्या सच में हमला हुआ था या फिर यह अफवाह फैलाने की कोशिश है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और Divya Jyoti Jagrati Sansthan से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
