देश में अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े सिंडिकेट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का दावा है कि संबंधित सिंडिकेट ने अब तक 2742 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई की है। जांच में सामने आया है कि यह राशि हवाला, फर्जी कंपनियों और शेल अकाउंट्स के जरिए इधर-उधर की गई।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से अहम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद हुए। जांच में यह भी पाया गया कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट, लग्जरी गाड़ियों और महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया।
एजेंसी ने बताया कि इस मामले में पहले भी 222.27 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। यह संपत्ति विभिन्न शहरों में स्थित जमीन, फ्लैट, कमर्शियल प्रॉपर्टी और बैंक खातों के रूप में चिन्हित की गई थी। ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, सिंडिकेट से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और कुछ आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं। ईडी ने साफ किया है कि अवैध कमाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
