वाराणसी। धर्मनगरी वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में गुरुवार को एक शर्मनाक घटना सामने आई। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने मंदिर में पूजा कर रहे एक बटुक (किशोर ब्राह्मण छात्र) के साथ मारपीट की, उसके बाल खींचे और थप्पड़ जड़ दिए। इतना ही नहीं, मौके पर कवरेज करने पहुंची एक महिला पत्रकार से भी बदसलूकी की गई।
क्या है पूरा मामला?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बटुक मंदिर परिसर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर सिपाही और बटुक के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि सिपाही ने गुस्से में आकर बटुक के बाल पकड़कर उसे खींचा और कई थप्पड़ मारे। साथ ही उसे मंदिर में दर्शन करने से भी रोक दिया।
घटना के समय वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मी के रवैये के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिला पत्रकार से भी अभद्रता
मामले की जानकारी मिलते ही एक स्थानीय महिला पत्रकार मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेने लगी। आरोप है कि सिपाही ने उनके साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कवरेज करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
मंदिर प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित सिपाही से स्पष्टीकरण मांगा गया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं में नाराजगी
घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित सिपाही पर निलंबन समेत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
