नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे घोषित होते ही पूरे देश में सफल अभ्यर्थियों के घर जश्न का माहौल है। इस बार के परिणाम में कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं। खास बात यह रही कि एक किराना दुकानदार का बेटा मेहनत और लगन के दम पर IAS बनने में सफल रहा। वहीं टॉप-10 में बिहार के दो अभ्यर्थियों ने जगह बनाकर राज्य का नाम रोशन किया है।
सबसे ज्यादा चर्चा उस अभ्यर्थी की हो रही है, जो साधारण परिवार से आता है। उसके पिता एक छोटे से किराना स्टोर चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते हुए सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर ली। बेटे की सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। लोग उसे बधाई देने के लिए घर पहुंच रहे हैं।
UPSC के इस रिजल्ट में बिहार के अभ्यर्थियों का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। टॉप-10 में बिहार के दो उम्मीदवार शामिल हैं। इन दोनों ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार के साथ-साथ पूरे राज्य में इनकी सफलता पर गर्व जताया जा रहा है।
इसी के साथ एक और चर्चित नाम सामने आया है, जो ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती बताई जा रही है। उन्होंने भी UPSC परीक्षा पास कर ली है। परिवार के लोगों का कहना है कि बचपन से ही वह पढ़ाई में बेहद होनहार थीं और देश सेवा का सपना देखती थीं।
इसके अलावा एक पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी ने भी UPSC परीक्षा क्वालिफाई कर ली है। पिता की तरह देश की सेवा करने का सपना देखने वाली इस बेटी ने कठिन मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया। उसकी सफलता से परिवार और पुलिस विभाग में भी खुशी का माहौल है।
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही अंतिम चयन तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में साधारण परिवारों से आने वाले इन युवाओं की सफलता लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन रही है।
इन सफल अभ्यर्थियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि अगर मेहनत, लगन और सही दिशा में प्रयास किया जाए तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
