पंजाब के खरड़ में हुए चर्चित हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। 25 गोलियां मारकर किए गए सनसनीखेज कत्ल के मामले में मोहाली की अदालत ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में यह फैसला सुनाया। आरोपियों में हरियाणा के दो कुख्यात गैंगस्टर भी शामिल थे।
क्या था पूरा मामला?
यह वारदात दिनदहाड़े हुई थी, जब हमलावरों ने पीड़ित पर ताबड़तोड़ 25 राउंड फायरिंग की थी। गोलियों की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई थी। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी थी।
12 लोगों पर दर्ज हुआ था केस
पुलिस जांच के बाद कुल 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें से दो आरोपी हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर बताए जाते थे, जिन पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस ने दावा किया था कि यह गैंगवार का मामला है।
कोर्ट ने क्यों किया बरी?
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कमजोर पड़े और कई गवाह मुकर गए। फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य भी आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
परिवार में नाराजगी, पुलिस पर सवाल
फैसले के बाद मृतक के परिवार ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला। वहीं, पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतने बड़े हत्याकांड में सबूत मजबूत क्यों नहीं जुटाए जा सके।
आगे क्या?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पुलिस चाहे तो उच्च अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकती है। फिलहाल, इस फैसले के बाद इलाके में चर्चा और सियासी हलचल तेज हो गई है।
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या गंभीर आपराधिक मामलों में गवाहों की सुरक्षा और मजबूत जांच प्रणाली की जरूरत है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
