गाजियाबाद में दो मासूम बच्चियों की आत्महत्या के मामले ने पुलिस और परिजनों दोनों को उलझा दिया है। जांच में सामने आया है कि बच्चियों के पिता के बयानों और दावों के चलते केस लगातार नए-नए मोड़ ले रहा है। पहले पिता ने बच्चियों के मोबाइल गेम खेलने की लत को वजह बताया, फिर कोरियन कल्चर और वेब कंटेंट के प्रभाव का जिक्र किया, और अब साली की संदिग्ध मौत से जुड़े पुराने मामले को जोड़कर सस्पेंस और गहरा कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में बच्चियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया एक्टिविटी और ऑनलाइन गेमिंग हिस्ट्री खंगाली गई। हालांकि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे सीधे तौर पर यह साबित हो सके कि किसी गेम या ऑनलाइन चैलेंज ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए उकसाया हो।
इसके बाद पिता ने कोरियन कल्चर, के-ड्रामा और विदेशी कंटेंट के मानसिक प्रभाव की बात कही, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कंटेंट देखने से आत्महत्या जैसा कदम उठाना सामान्य नहीं है, इसके पीछे पारिवारिक माहौल और मानसिक स्थिति की भी बड़ी भूमिका होती है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब पिता ने अपनी साली की पुरानी मौत का जिक्र करते हुए इसे संदिग्ध बताया और मौजूदा केस से जोड़ने की कोशिश की। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह बयान जांच को भटकाने या किसी और सच्चाई से ध्यान हटाने के लिए तो नहीं दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल फॉरेंसिक जांच और परिवार के सभी सदस्यों के बयान के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल यह मामला आत्महत्या, मानसिक दबाव या पारिवारिक तनाव—किस दिशा में जाएगा, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
