गुरुग्राम। हरियाणा का साइबर सिटी गुरुग्राम अब देश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां ड्रोन और AI रोबोट के जरिए ऑटोमैटिक डिलीवरी सिस्टम की शुरुआत की गई है। इस हाईटेक पहल का उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना, डिलीवरी समय घटाना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है।
यह प्रोजेक्ट पायलट आधार पर शुरू किया गया है और इसे प्रशासन की अनुमति के बाद कुछ चुनिंदा इलाकों में लागू किया गया है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
नई व्यवस्था के तहत:
- छोटे और हल्के पार्सल ड्रोन के जरिए सीधे ग्राहक के घर की छत या तय स्थान पर पहुंचाए जाएंगे।
- भारी या मध्यम वजन के पार्सल AI बेस्ड रोबोटिक व्हीकल द्वारा सड़कों और सोसायटी परिसर में डिलीवर किए जाएंगे।
- पूरा सिस्टम GPS, सेंसर और रियल-टाइम ट्रैकिंग तकनीक से लैस है।
- ग्राहक अपने मोबाइल ऐप पर लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
गुरुग्राम में रोजाना ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है। खासकर ऑफिस टाइम में सड़कों पर लंबी कतारें लग जाती हैं।
नई डिलीवरी प्रणाली से:
- सड़कों पर डिलीवरी बाइकों और वैन की संख्या घटेगी।
- फ्यूल की खपत कम होगी।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे देश के अन्य बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में भी लागू किया जा सकता है।
सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम
- ड्रोन की उड़ान के लिए तय रूट और ऊंचाई निर्धारित की गई है।
- हर डिलीवरी यूनिट में कैमरा और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम होगा।
- किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में कंट्रोल सेंटर तुरंत हस्तक्षेप करेगा।
प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
रोजगार पर क्या असर?
हालांकि कुछ लोगों को आशंका है कि इससे पारंपरिक डिलीवरी कर्मियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन कंपनियों का दावा है कि:
- नई टेक्नोलॉजी से टेक्निकल और मॉनिटरिंग जॉब्स बढ़ेंगी।
- स्किल्ड युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।
आगे की योजना
फिलहाल इस सिस्टम को सीमित क्षेत्रों में लागू किया गया है। यदि परिणाम सकारात्मक रहे, तो आने वाले महीनों में इसे पूरे गुरुग्राम में विस्तार दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में स्मार्ट सिटी और डिजिटल डिलीवरी नेटवर्क की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
