निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने डॉक्टर को बनाया शिकार
चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGI) से जुड़े एक डॉक्टर साइबर ठगी का शिकार हो गए, जहां उनसे करीब 1.10 करोड़ रुपये ठग लिए गए। इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने डॉक्टर को WhatsApp के जरिए संपर्क किया और उन्हें एक ग्रुप में जोड़ लिया। इस ग्रुप में खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोग मौजूद थे, जो शेयर बाजार और अन्य योजनाओं में ज्यादा मुनाफे का दावा कर रहे थे। धीरे-धीरे डॉक्टर का भरोसा जीतते हुए उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर ठगों ने डॉक्टर को विश्वास में लिया। इसके बाद बड़े निवेश के लिए कहा गया और अलग-अलग किस्तों में उनसे कुल 1.10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब डॉक्टर ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, जिससे धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने साइबर क्राइम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ठगों की पहचान करने और पैसे की रिकवरी के लिए तकनीकी मदद ली जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के निवेश ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए। खासकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले “जल्दी अमीर बनने” के वादों से सावधान रहना चाहिए।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और लोगों से अपील कर रही है कि वे इस तरह के फर्जी निवेश योजनाओं से दूर रहें।
