पुरी (ओडिशा): ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में करीब 48 साल बाद मंदिर के रत्न भंडार (खजाने) की गिनती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने बताया कि यह गिनती 25 मार्च से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निगरानी में की जाएगी। इस दौरान रजिस्टर्ड सुनारों और विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी, जो आभूषणों और बहुमूल्य रत्नों का मूल्यांकन करेगी।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगी काउंटिंग
मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। भंडार खोलने से पहले सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच की जाएगी। गिनती के दौरान सीसीटीवी निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग और अधिकृत अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
क्यों हो रही है गिनती?
सूत्रों के अनुसार, रत्न भंडार में रखे गए सोने-चांदी के आभूषण, हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती वस्तुओं का वर्षों से आधिकारिक सत्यापन नहीं हुआ था। बदलते नियमों और पारदर्शिता की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने इनकी दोबारा सूची तैयार करने और मूल्यांकन का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों की टीम करेगी मूल्यांकन
गिनती के दौरान पंजीकृत (रजिस्टर्ड) सुनारों की टीम प्रत्येक आभूषण का वजन, शुद्धता और वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन करेगी। इसके साथ ही दस्तावेजी रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति न बने।
भक्तों में उत्सुकता
इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। कई लोगों का मानना है कि मंदिर के रत्न भंडार में अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित हैं, जिनकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की भी अलग पहचान है।
प्रशासन का बयान
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए की जाएगी। गिनती के दौरान आम श्रद्धालुओं के दर्शन व्यवस्था पर किसी प्रकार का असर न पड़े, इसके लिए भी विशेष योजना बनाई गई है।
करीब पांच दशक बाद हो रही इस गिनती को ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 25 मार्च से शुरू होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया पर टिकी हैं।
