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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक खिलाड़ी को 15 साल तक लड़की समझा जाता रहा, लेकिन मेडिकल जांच में पता चला कि वह जैविक रूप से पुरुष है। इस खुलासे के बाद उसे एशियन गेम्स की प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, खिलाड़ी बचपन से ही लड़की की तरह पली-बढ़ी थी और खेल प्रतियोगिताओं में भी महिला वर्ग में भाग लेती रही। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया, तो रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि उसके शरीर में पुरुष हार्मोन मौजूद हैं और उसके अंदर अंडकोष भी हैं।
इसके बाद उसे आगे की जांच और इलाज के लिए भोपाल स्थित AIIMS में भेजा गया। डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर उसके शरीर के अंदर मौजूद अंडकोष को निकाल दिया। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक दुर्लभ मेडिकल स्थिति है, जिसे डिसऑर्डर ऑफ सेक्स डेवलपमेंट (DSD) कहा जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मामलों में व्यक्ति का बाहरी शरीर महिला जैसा दिखाई देता है, लेकिन अंदरूनी अंग पुरुषों जैसे हो सकते हैं। यही वजह है कि कई बार बचपन में इस स्थिति का पता नहीं चल पाता।
भोपाल AIIMS के विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह के मामले बहुत कम होते हैं, लेकिन अस्पताल में हर महीने करीब 10 मरीज ऐसे आते हैं जिनमें लैंगिक विकास से जुड़ी समस्याएं होती हैं और उन्हें सर्जरी या इलाज की जरूरत पड़ती है।
फिलहाल खिलाड़ी का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी काउंसलिंग भी कर रहे हैं, ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से इस स्थिति से उबर सके। वहीं खेल संगठनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सख्त मेडिकल नियमों का पालन करना जरूरी होता है, इसलिए जांच के बाद ही उसे एशियन गेम्स से बाहर किया गया।
