देश की प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कल राष्ट्रव्यापी ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और महंगाई के मुद्दों के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। बंद के चलते बैंकिंग, सार्वजनिक परिवहन, बीमा, डाक सेवाओं और कुछ सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कई राज्यों में कर्मचारी संगठनों और परिवहन यूनियनों ने भी समर्थन की घोषणा की है, जिससे बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून-व्यवस्था के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं। यात्रियों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी जरूर लें।
