दिल्ली में हुए बाइकर डेथ केस में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच में सामने आया कि जिस सड़क पर हादसा हुआ, वहां खुदाई के बाद न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही चेतावनी के लिए पर्याप्त लाइट की व्यवस्था थी। अंधेरे और असुरक्षित हालात के कारण बाइक सवार सीधे गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में यह भी पता चला कि मौके पर चल रहे निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एक सब-कॉन्ट्रैक्टर को दी गई थी, जिसने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। पुलिस ने लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या के आरोप में साइट के सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
मामले में विभागीय कार्रवाई भी तेज हो गई है। संबंधित प्रोजेक्ट से जुड़े तीन इंजीनियरों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्राथमिक जांच के आधार पर तीनों इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आगे की जांच में और जिम्मेदार लोग सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने मृतक के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि बिना बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और लाइट के कोई भी खुदाई या निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।
