नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं आते तो शायद एयरोस्पेस के क्षेत्र में कारोबार करते। उन्होंने कहा कि उन्हें तकनीक और विमानन क्षेत्र में काफी रुचि है, इसलिए वह एयरोस्पेस इंडस्ट्री में काम करना पसंद करते।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने China के औद्योगिक उत्पादन सिस्टम की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चीन का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन सिस्टम काफी मजबूत और बेजोड़ है। वहां बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन की क्षमता है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर पाता है।
हालांकि राहुल गांधी ने यह भी साफ किया कि चीन एक लोकतांत्रिक देश नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका लोकतंत्र है। भारत में लोगों को अपनी बात कहने की आजादी है और यही देश की असली शक्ति है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत रखते हुए औद्योगिक और तकनीकी विकास पर भी तेजी से काम करना चाहिए। उनका मानना है कि अगर भारत उत्पादन और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े तो वह दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को टक्कर दे सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए सरकार और उद्योगों को मिलकर काम करना होगा।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं ने उनके बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है, वहीं कुछ लोगों ने इसे भारत और चीन के विकास मॉडल की तुलना के रूप में देखा है।
