इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक (Starlink) को देश में संचालन के लिए लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस फैसले के पीछे डेटा सुरक्षा, राष्ट्रीय संप्रभुता और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्रालय ने साफ किया है कि स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाएं देश के भीतर डेटा के प्रवाह और नियंत्रण को लेकर संवेदनशील मुद्दे खड़े करती हैं। अधिकारियों का मानना है कि अगर डेटा देश से बाहर सर्वरों पर स्टोर या प्रोसेस होता है, तो इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि स्टारलिंक ने पाकिस्तान में सेवाएं शुरू करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन कंपनी स्थानीय डेटा होस्टिंग, निगरानी तंत्र और नियामकीय शर्तों पर स्पष्ट आश्वासन देने में असफल रही। इसके चलते लाइसेंस प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं पर नियंत्रण पारंपरिक नेटवर्क की तुलना में अधिक कठिन होता है, जिससे गैरकानूनी गतिविधियों, जासूसी और साइबर अपराधों का जोखिम बढ़ सकता है। इसी कारण सरकार ने एहतियाती रुख अपनाया है।
हालांकि, पाकिस्तान में दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में तेज इंटरनेट की जरूरत को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टारलिंक जैसी सेवाएं तकनीकी रूप से फायदेमंद हो सकती हैं। लेकिन सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय हितों से समझौता कर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
फिलहाल, पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक डेटा सुरक्षा और नियामकीय ढांचे से जुड़ी सभी चिंताओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक स्टारलिंक को देश में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
