पानीपत (हरियाणा)। जाट आरक्षण आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए रविवार को पानीपत में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस मौके पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जाट समाज ने अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया है और आगे भी जरूरत पड़ी तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण समाज का हक है और इसे संवैधानिक तरीके से हासिल किया जाएगा।
शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आंदोलन में जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से वक्ताओं ने कहा कि समाज अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। परिजनों ने भी सरकार से स्थायी समाधान की मांग की।
सरकार से ठोस निर्णय की मांग
सभा में वक्ताओं ने कहा कि कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान नहीं हुआ। उन्होंने हरियाणा सरकार से जाट आरक्षण पर स्पष्ट और स्थायी निर्णय लेने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि यदि मांगों को नजरअंदाज किया गया तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से फिर आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
सामाजिक एकता पर जोर
कार्यक्रम में सामाजिक एकता और शांतिपूर्ण संघर्ष पर जोर दिया गया। नेताओं ने युवाओं से संयम बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने की अपील की।
गौरतलब है कि हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर पहले भी बड़े आंदोलन हो चुके हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ था। ऐसे में यह कार्यक्रम न सिर्फ श्रद्धांजलि सभा रहा, बल्कि आगे की रणनीति पर भी चर्चा का मंच बना।
