पानीपत में एक घरेलू विवाद ने गंभीर रूप लेते हुए खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस मामले में महिला पार्षद समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। खास बात यह है कि यह मुकदमा पुलिस ने नहीं, बल्कि कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज किया है।
मामले की शुरुआत एक्टिवा (स्कूटी) की मांग को लेकर हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पारिवारिक स्तर पर एक्टिवा को लेकर कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए मारपीट और जानलेवा हमले तक पहुंच गई। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला किया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
कोर्ट के निर्देश पर अब महिला पार्षद सहित 13 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का नाम सामने आने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने एहतियातन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
