पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी के वॉरिंग ग्रुप को सीधी चुनौती देते हुए बड़ा बयान दिया है। चन्नी ने कहा कि वे नवजोत सिंह सिद्धू को फिर से सक्रिय राजनीति में वापस लाएंगे और पार्टी में उनकी भूमिका अहम रहेगी।
चन्नी के इस बयान से कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इससे पहले पार्टी नेता प्रताप सिंह बाजवा के करीबी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग गुट से जुड़े नेताओं की ओर से सिद्धू पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
इसी कड़ी में कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ के बाद अब प्रताप सिंह प्रधान ने सिद्धू को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें “मेंटल केस” बताया, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा पहले ही कह चुके हैं कि सिद्धू के किनारे होने से पार्टी को “अच्छा हुआ, छुटकारा मिला।”
चन्नी के बयान को पार्टी नेतृत्व के लिए एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवजोत सिद्धू की वापसी को लेकर कांग्रेस में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं, और आने वाले दिनों में यह टकराव और गहरा सकता है।
अब देखना यह होगा कि हाईकमान चन्नी के इस दावे और पार्टी के भीतर चल रही बयानबाज़ी पर क्या रुख अपनाता है।
