पटना/पूर्णिया। बिहार में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में जांच तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छात्रा के मामा से कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एक अहम सवाल उभरा—“हॉस्टल संचालिका ने पैसों का ऑफर क्यों दिया था?” इस सवाल ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
क्या है पूरा मामला?
छात्रा पूर्णिया स्थित प्रभात मेमोरियल में भर्ती थी, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर नहीं थी, फिर भी इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। परिजनों ने यह भी दावा किया कि हॉस्टल संचालिका ने मामले को दबाने के लिए पैसों का ऑफर दिया था।
CBI की पूछताछ में क्या सामने आया?
सूत्रों के मुताबिक, CBI ने छात्रा के मामा से हॉस्टल, अस्पताल और इलाज से जुड़े कई सवाल पूछे। खास तौर पर यह जानने की कोशिश की गई कि पैसों के ऑफर की बात कब और किन परिस्थितियों में हुई। जांच एजेंसी इस एंगल से भी पड़ताल कर रही है कि कहीं सबूत मिटाने या मामले को रफा-दफा करने की कोशिश तो नहीं हुई।
पप्पू यादव का बड़ा बयान
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “बच्ची को प्रभात मेमोरियल में मारा गया है, यह साधारण मौत नहीं है।” उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
परिवार की मांग
परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सच सामने नहीं आता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
आगे क्या?
CBI अब हॉस्टल संचालिका, अस्पताल स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
इस बीच, छात्रा की मौत ने NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। सभी की नजर अब CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
