फरीदाबाद। हरियाणा की फरीदाबाद जिला जेल में सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब राम मंदिर उड़ाने की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर और अब्दुल रहमान एक ही बैरक में बंद थे। वारदात के बाद जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया।
जेल सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह के समय हुई, जब बैरक में मौजूद कैदियों के बीच अचानक विवाद बढ़ गया। इसी दौरान अब्दुल रहमान पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल प्रशासन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि अब्दुल रहमान पर अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप था और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में था। उसकी सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। बावजूद इसके, उसे उसी बैरक में रखा गया, जहां अन्य कैदी भी बंद थे।
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे आपसी रंजिश, विचारधारात्मक टकराव या किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हमलावर कैदी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही, जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जेल कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हत्या लापरवाही का नतीजा थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
इस घटना ने एक बार फिर जेलों की आंतरिक सुरक्षा, हाई-प्रोफाइल कैदियों की निगरानी और जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
