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भारत माला प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। क्षेत्र के करीब 12 गांवों के किसानों ने एक बैठक कर हाईवे निर्माण कार्य का विरोध करने का ऐलान किया है। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बैठक में किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे हाईवे निर्माण कार्य को रोकेंगे। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें उचित मुआवजा और अन्य सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उन वादों पर अमल नहीं हुआ है।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने न तो सही मुआवजा दिया और न ही पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की। इसी के विरोध में किसानों ने एकजुट होकर आंदोलन करने की रणनीति बनाई है।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और हाईवे निर्माण को पूरी तरह से रोक देंगे।
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों की समस्याओं को सुना जा रहा है और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
फिलहाल, इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।
