बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया और आग की लपटें कई मीटर ऊंचाई तक उठती रहीं। हादसे में गांव के ही पांच मजदूर जिंदा जल गए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमों को बॉडी पार्ट्स पॉलिथिन में इकट्ठा करने पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग और धुएं की वजह से अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मृतकों की पहचान गांव के ही रहने वाले मजदूरों के रूप में हुई है, जो रोज की तरह काम पर गए थे। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डीएनए जांच की भी तैयारी की जा रही है, क्योंकि कई शव पूरी तरह पहचान से परे हो चुके हैं।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायनों के गलत भंडारण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं और फैक्ट्री के मालिक व प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
