लखनऊ/नई दिल्ली। युद्धग्रस्त इलाके में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां फंसे उत्तर प्रदेश के हजारों लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। लगातार हो रहे धमाकों और गोलाबारी के बीच लोग बंकरों में छिपकर अपनी जान बचा रहे हैं। फंसे हुए लोगों का कहना है कि हर कुछ मिनट में तेज धमाके सुनाई दे रहे हैं और हालात इतने खराब हैं कि बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
यूपी के कई जिलों—मऊ, गाजीपुर, वाराणसी, आजमगढ़ और लखनऊ—के लोग कामकाज और पढ़ाई के सिलसिले में इस देश में गए थे। लेकिन अचानक भड़के युद्ध ने उनकी जिंदगी को संकट में डाल दिया। परिजनों से फोन पर बात करते हुए लोगों ने बताया कि वे इमारतों के नीचे बने बंकरों में रह रहे हैं। खाने-पीने का सामान सीमित है और बाजार पूरी तरह बंद हैं।
एक युवक ने फोन पर बताया, “हम लोग पिछले तीन दिनों से बंकर में हैं। ऊपर लगातार मिसाइलें गिर रही हैं। बाहर सायरन बजते ही हमें तुरंत नीचे भागना पड़ता है। भगवान ही हमारी रक्षा करें।”
परिवारों की बढ़ी चिंता
यूपी में बैठे परिजन अपने बच्चों और रिश्तेदारों की सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं। कई परिवारों ने केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। लखनऊ और वाराणसी में परिजनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल निकासी की मांग की है।
सरकार के प्रयास
केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, प्रभावित इलाके में भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में है और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर ही रहना चाहिए।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के हजारों परिवार अपने अपनों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। युद्ध के साये में जिंदगी की जंग लड़ रहे इन लोगों के लिए हर गुजरता दिन एक नई परीक्षा बन गया है।
