उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh, भारत) में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार 19 मार्च 2026 को माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा‑अर्चना के लिए मंदिरों में भक्तों का जबरदस्त जमावड़ा देखा गया है। नवरात्रि का यह त्योहार नौ दिनों तक चलता है जिसमें देवी के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, पहले दिन माँ शैलपुत्री के आह्वान के साथ शुरुआत होती है।
1. काशी (वाराणसी) में मंदिरों पर भीड़ और उत्साह
- Varanasi में नवरात्रि के पहले दिन ही मंदिरों के बाहर भक्त बड़ी संख्या में कतार लगाते दिखे, कई मंदिरों के आसपास भक्तों की लाइनें लंबे समय तक बनी रहीं, जिससे कुछ स्थलों पर 2 किमी से अधिक की कतारें भी बन गईं।
- शहर के प्रमुख शक्ति मंदिरों जैसे दुर्गाकुंड स्थित माँ कूष्मांडा मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन के लिए कतारबद्ध हुए। परंपरा अनुसार माँ कूष्मांडा देवी की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है।
(आर्थिक समाचार स्रोतों में पिछले साल के अनुसार नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही है)।
वाराणसी में Kashi Vishwanath Temple सहित अन्य देवी‑देवताओं के मंदिरों और गंगा घाटों पर भी विशेष पूजा और गंगा आरती का आयोजन पहले दिन से ही शुरू कर दिया गया है, जिससे स्थानीय भक्तों व यात्रियों का उत्साह और आस्था विशेष रूप से दिखाई दे रहा है।
2. विंध्यवासिनी धाम (मिर्ज़ापुर) में मेला और व्यवस्थाएँ
- Maa Vindhyavasini Dhaam, Vindhyachal में भी भोर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। प्रशासन ने मेले के लिए विशेष व्यवस्थाएँ, सुरक्षा और दर्शन‑प्रक्रिया को सुचारू बनाने हेतु तैयारियाँ की हैं।
- मेला क्षेत्र को कई ज़ोन में विभाजित कर भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- दर्शनार्थियों के लिए मंदिर प्रमुखत: लगभग 20 घंटे खुला रहेगा और विशिष्ट आरती कार्यक्रमों तथा पूजा‑अनुष्ठानों के साथ भक्त देवी का आशीर्वाद ले रहे हैं।
3. घट स्थापना (कलश स्थापना) मुहूर्त और पूजा विधि
नवरात्रि का पहला दिन घट स्थापना यानी कलश स्थापना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
शुभ घट स्थापना का सामान्य मुहूर्त सामान्य ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार सुबह जल्दी से शुरू होता है और साधारणतः सुबह 06:10 बजे से 08:30 बजे के बीच सबसे शुभ माना जाता है, इसके बाद दोपहर में भी एक छोटा शुभ समय हो सकता है (समय वर्ष अनुसार बदलता रहता है)।
ऐसा माना जाता है कि इस समय कलश में देवी का आह्वान करने से घर‑परिवार में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
कृपया ध्यान दें: कल्याणकारी मुहूर्त और पांद्रिक विवरण आपके स्थान के पंचांग (स्थानीय हिंदू कैलेंडर) के अनुसार अंतिम रूप में तय होते हैं, इसलिए किसी स्थानीय पंडित या पंचांग से अंतिम समय की पुष्टि कर लें।
संक्षेप:
- यूपी में नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में भारी भीड़ और भक्तों की लंबी कतारें दिखीं।
- काशी और विंध्यवासिनी धाम प्रमुख स्थल रहे जहाँ सज‑धज और पूजा‑प्रक्रिया सुबह से जारी रही।
- घट स्थापना के शुभ मुहूर्त के साथ नवरात्रि का आध्यात्मिक आयोजन पूरे उत्साह के साथ शुरू हो चुका है।
