उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बाबरी ढांचे को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बाबरी ढांचा अब कयामत के दिन तक नहीं बनेगा। जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम मिलेगा। देश में रहना है तो कायदे से रहना सीखना होगा।”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत एक संविधान से चलने वाला देश है और यहां कानून सर्वोपरि है। किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले पर न्यायालय का फैसला आ चुका है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि धर्म के नाम पर अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ कानून का पालन कराएगा।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों और भड़काऊ बयानों से दूर रहें तथा आपसी सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा ही सरकार का मूल मंत्र है और इसके रास्ते में बाधा डालने वालों को सख्ती से रोका जाएगा।
योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने बयान पर प्रतिक्रिया दी है, वहीं समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कानून के राज को लेकर साफ संदेश दिया है।
