देश की संसद के उच्च सदन राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे। इन सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और नामांकन की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। इन 37 सीटों में से 25 सीटें फिलहाल विपक्षी दलों के पास हैं, जबकि 12 सीटें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास हैं। अप्रैल में जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार और अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं।
चुनाव प्रक्रिया के तहत संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से नहीं, बल्कि एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) के जरिए होता है। जिन राज्यों से सीटें रिक्त हो रही हैं, वहां राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन तेज कर दिया है। कई राज्यों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है, खासकर वहां जहां संख्या बल में मामूली अंतर है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आगामी संसद सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। यदि विपक्ष अपनी अधिकांश सीटें बचाने में सफल रहता है तो उच्च सदन में सरकार के लिए विधेयक पारित कराना चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है। वहीं, NDA अगर कुछ अतिरिक्त सीटें हासिल करता है तो उसे विधायी प्रक्रिया में मजबूती मिल सकती है।
नामांकन की अंतिम तिथि, नाम वापसी और मतगणना की प्रक्रिया चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि किन राज्यों में निर्विरोध चुनाव होगा और किन जगहों पर सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। अप्रैल में कार्यकाल समाप्त होने वाले वरिष्ठ नेताओं के भविष्य और संभावित पुनर्निर्वाचन को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
