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शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पार्टी में एकजुटता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के रूठे नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए नंगे पैर भी जाना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं। मजीठिया ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में दोनों अकाली दलों का एक होना बेहद जरूरी है, ताकि सिख पंथ और पंजाब के हितों की मजबूती से रक्षा की जा सके।
मजीठिया ने कहा कि अकाली दल का इतिहास संघर्षों और बलिदानों से भरा रहा है, लेकिन आज पार्टी अंदरूनी मतभेदों से कमजोर हो रही है। उन्होंने अपील की कि व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर सभी नेताओं को एक मंच पर आना चाहिए। “पार्टी की ताकत आपसी एकता में है, बिखराव से सिर्फ विरोधियों को फायदा होगा,” उन्होंने कहा।
अपने जेल अनुभव को लेकर मजीठिया ने मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ किया गया। मजीठिया ने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह डरे नहीं और सच्चाई के साथ खड़े रहे।
मजीठिया ने यह भी कहा कि राजनीतिक बदले की भावना से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। अंत में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पंजाब के हक के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
