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भारत ने ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों Reliance Industries और Indian Oil Corporation ने रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदने की बुकिंग की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब Iran में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और कई देशों को सप्लाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से संभावित सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में Russia से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल मंगाने का निर्णय लिया गया है।
बताया जा रहा है कि इस सौदे के तहत आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से भारत को यह तेल सप्लाई किया जाएगा। रूस पहले से ही भारत को रियायती दरों पर कच्चा तेल देता रहा है, इसलिए यह सौदा आर्थिक रूप से भी फायदेमंद माना जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान के आसपास का संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। ऐसे में भारत का पहले से बड़ी मात्रा में तेल बुक करना भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
फिलहाल भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अलग-अलग देशों से तेल खरीदने की नीति पर काम कर रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर देश की सप्लाई प्रभावित न हो।
