हरियाणा के रोहतक जिले में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर तीन गांवों की संयुक्त पंचायत आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने 10 दिन का अल्टीमेटम जारी किया। पंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों की जांच होनी चाहिए और प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि रोहिंग्या मुसलमानों की कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि वे अवैध रूप से रह रहे हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर ही की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी निवासियों का सत्यापन किया जाएगा और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन पंचायत के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
