हिसार में एक स्कूल से जुड़ा विवाद सामने आया है, जहां छात्राओं को कथित तौर पर सजा के रूप में ‘मुर्गा’ बनाकर परिसर में घुमाया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने अनुशासन के नाम पर छात्राओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। वीडियो वायरल होते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। लोगों का कहना है कि इस तरह की सजा बच्चों की मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकती है और यह उनकी गरिमा के खिलाफ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।
इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था में बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुशासन के नाम पर इस तरह की सजा न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि कानूनन भी गलत है।
