अशोक चौधरी की डिग्री को लेकर लगाए गए आरोपों पर बिहार की राजनीति गरमा गई है। विधान परिषद में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब सुनील सिंह ने कथित तौर पर मंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए उनकी डिग्री को नकली बताया। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर आरोपों में दम है तो उन्हें सदन में प्रमाणित किया जाए, अन्यथा आरोप लगाने वाले सदस्य को इस्तीफा देना चाहिए।
सदन में बोलते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी की प्रतिष्ठा पर बिना सबूत आरोप लगाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी डिग्री फर्जी साबित हो जाती है तो वे राजनीति छोड़ देंगे, लेकिन यदि आरोप बेबुनियाद निकले तो सुनील सिंह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए लगाए जा रहे हैं। उन्होंने तल्ख अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि “किसी की बुद्धि गड़बड़ हो जाए तो वह इस तरह के बयान देता है।” इस बयान के बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली और कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई।
विपक्षी दल के सदस्यों ने मंत्री के बयान का विरोध किया, जबकि सत्ता पक्ष ने अशोक चौधरी का समर्थन करते हुए आरोपों को निराधार बताया। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन यदि आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
