सिरसा (हरियाणा): हरियाणा के सिरसा जिले की अदालत ने नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के मामले में दोषी चाचा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आरोपी रिश्ते में पीड़िता का चाचा लगता था और उसका घर पर अक्सर आना-जाना था। इसी दौरान उसने भरोसे का फायदा उठाकर नाबालिग को अपने झांसे में लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
परिवार को जब इस घटना की जानकारी मिली तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
राजस्थान में कर ली थी शादी
जांच में पता चला कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले गया था, जहां उसने उससे शादी करने का दावा किया। कुछ समय बाद जब लड़की बरामद हुई तो मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि वह लगभग दो महीने की गर्भवती थी।
पुलिस जांच और कोर्ट की सुनवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में मजबूत पैरवी की गई।
अदालत ने सभी सबूतों को देखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और 20 साल की कठोर सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है।
अदालत की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि नाबालिग के साथ इस प्रकार का अपराध गंभीर और समाज को झकझोरने वाला है। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और अपराधियों में कानून का डर बना रहे।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने संतोष जताया है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया है और इसे न्याय की दिशा में मजबूत कदम बताया है।
