हरियाणा में राजनीतिक हलचल के बीच Indian National Congress (कांग्रेस) ने पार्टी की नेता सुचित्रा को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सुचित्रा के बयानों और आरोपों से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
दरअसल, सुचित्रा ने कुछ दिन पहले कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर ₹7 करोड़ लेने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी के भीतर टिकट और पदों को लेकर पैसों का लेन-देन हुआ है। उनके इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में काफी विवाद खड़ा हो गया।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बिना किसी सबूत के सार्वजनिक रूप से ऐसे आरोप लगाना अनुशासनहीनता है। इसी वजह से पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया।
वहीं सुचित्रा ने पार्टी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें निष्कासित करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वह करीब 19 दिन पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया था।
सुचित्रा ने यह भी दोहराया कि उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, वे सच हैं और जरूरत पड़ने पर वह इसके सबूत भी सामने लाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर पारदर्शिता होनी चाहिए और नेताओं को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
इस पूरे मामले के बाद हरियाणा की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे पार्टी का आंतरिक मामला बता रही है।
