हरियाणा के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बुधवार देर रात से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि करनाल जिले में तेज ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने से कई गांवों में जमीन पूरी तरह सफेद नजर आई। इस असमय बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं, खासकर सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
करनाल के अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, यमुनानगर, जींद और सोनीपत सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई है। सुबह के समय ठंडी हवाओं के साथ बादल छाए रहे।
किसानों के अनुसार, इस समय सरसों की फसल पकने के अंतिम चरण में है। ओलावृष्टि के कारण फूल और फलियां झड़ गई हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। कुछ इलाकों में गेहूं की खड़ी फसल भी बारिश से गिर गई है। किसान संगठनों ने सरकार से जल्द गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम विभाग ने आज हरियाणा के 17 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद और पलवल शामिल हैं। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले 24 घंटों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम साफ होने तक फसलों की कटाई न करें और नुकसान की स्थिति में तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं आम लोगों से भी अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आया है। अब सभी की नजरें सरकार और मौसम विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
